OLTAS

OLTAS / General

The following new single copy challans have been introduced with effect from July 2005.

Sl. No. (1) Challan No. Description Type Of Payment
1. ITNS 280 For payment of Income Tax and Corporation Tax.
  • Advance Tax
  • Surtax
  • Self Assessment Tax
  • Tax On Distributed Profits Of Domestic Companies
  • Tax On Regular Assessment
  • Tax On Distributed Income To Unit Holders
2. ITNS 281 For depositing Tax Deducted at Source/Tax Collected at Source (TDS/TCS) from corporates or non-corporates.
  • TDS/TCS Payable By The Taxpayer
  • TDS/TCS Regular Assessment (Raised By IT Department)
3. ITNS 282 For payment of Securities Transaction Tax, Hotel Receipts Tax, Estate Duty, Wealth Tax, Gift Tax, Expenditure Tax and Other direct taxes.
  • Advance Tax
  • Tax On Regular Assessment
  • Self Assessment Tax
4. ITNS 283 For payment of Banking Cash Transaction Tax and Fringe Benefits Tax.
  • Advance Tax
  • Tax On Regular Assessment
  • Self Assessment Tax

Each challan has a taxpayer counterfoil at the bottom which will be returned to you by the bank after duly stamping it with a Challan Identification Number (CIN).

Soft copies of these challans are available at NSDL e-Gov -TIN website and Income Tax Department website. Challans are also available at the local Income tax offices and with private vendors.

The new system is of great benefit to the common tax payer. Now a single simplified challan has to be filled up replacing the complicated four-copy challan. This challan can be filled up much faster. Secondly, it will be possible to obtain an acknowledgement for taxes paid at your own bank branch immediately. Further, once you have the acknowledgement counterfoil with the rubber stamp containing the Challan Identification Number (CIN) and you have filled in your PAN correctly, you are assured that the payment will be properly accounted for in your name. Lastly, you will no longer need to attach copies/ acknowledgement of challan with your return. Simply mention the CIN details in the income-tax return. This will also assist you in e-filing your return.

If you are paying taxes in cash at any designated bank branch or by cheque at the bank branch where you have a bank account, the bank will accept your cash/cheque and will immediately stamp the counterfoil of the challan with a rubber stamp containing the CIN.

If however, you are paying taxes by cheque/draft at a bank branch other than where you have a bank account, the collecting bank branch will accept your cheque/draft and issue you a paper token in acknowledgement. When you present this token after encashment of the cheque, the bank will hand over the acknowledgement counterfoil duly stamped with the CIN.

Challan Identification Number (CIN) has three parts

  • Seven digit BSR code of the bank branch where tax is deposited
  • Date of Deposit (DD/MM/YY) of tax
  • Serial Number of Challan

CIN is stamped on the acknowledgement receipt to uniquely identify the tax payment. CIN has to be quoted in the return of income as a proof of payment. CIN is also to be quoted in any further enquiry. Therefore, you must ensure that CIN (comprising the above three parts) is stamped on the Challan by the bank. If not, immediately contact the bank manager and insist on CIN.

The Reserve Bank of India has already passed an order dated April 1, 2004 making it compulsory for all tax collecting branches of banks to use a rubber stamp acknowledgement that carries CIN. A separate CIN is given for each challan deposited. If the Bank Manager is unable to resolve the issue, you should address your grievance to the Bank's Regional Manager and the Regional Office of Reserve Bank of India for redressal.

The Acknowledgement stamp of the bank will contain the following information

  • Bank Branch Name
  • BSR (7 digit)
  • Deposit Date (DDMMYY)
  • Serial No.

No, it will be considered sufficient proof if you quote your Challan Identification Number (CIN) (as mentioned in your counterfoil) in your return. The Income-tax return forms have been suitably modified.

Kindly approach the bank where you have deposited the tax and request them to issue you a certificate which contains your payment particulars including CIN.

Each bank follows its own procedure so you may contact the branch manager of the bank.

जुलाई २००५ से निम्‍नलिखित एकल प्रति वाले चालान लागू किये गये हैं :

क्र.सं. चालान सं. विवरण भुगतान का प्रकार
1 आईटीएनएस २८० आयकर तथा कॉरपोरेशन कर का भुगतान करने के लिए
  • अग्रिम कर
  • अधिभार
  • स्‍व-निर्धारण कर
  • देशी कंपनियों के वितरित लाभ पर कर
  • नियमित कर-निर्धारण पर कर
  • यूनिट धारकों को वितरित आय पर कर
2 आईटीएनएस २८१ कंपनियों तथा गैर-कंपनियों से स्रोत पर काटा गया कर / स्रोत पर संग्रहीत कर (टीडीएस / टीसीएस) जमा करने के लिए
  • करदाता द्वारा देय टीडीएस / टीसीएस
  • टीडीएस / टीसीएस नियमित कर-निर्धारण (आयकर विभाग द्वारा उत्‍पन्‍न)
3 आईटीएनएस २८२ प्रतिभूति लेन-देन कर, होटल प्राप्तियां कर, संपदा शुल्‍क, संपत्ति कर, उपहार कर, व्‍यय कर और अन्‍य करों के भुगतान के लिए
  • अग्रिम कर
  • नियमित कर-निर्धारण पर कर
  • स्‍व-निर्धारण कर
4 आईटीएनएस २८३ बैकिंग नकदी लेन-देन कर और अनुषंगी कर के भुगतान के लिए
  • अग्रिम कर
  • नियमित कर-निर्धारण पर कर
  • स्‍व-निर्धारण कर

 

प्रत्‍येक चालान के निचले भाग में करदाता प्रतिपर्ण (काउंटरफाइल) होता है जिसे चालान पहचान संख्या (सीआईएन) की विधिवत् मुहर लगाकर बैंक द्वारा आपको वापस किया जाएगा.

इन चालानों की सॉफ्ट कॉपी एनएसडीएल-टिन वेबसाइट और आयकर विभाग की वेबसाइट पर उपलब्‍ध हैं. चालान स्‍थानीय आयकर कार्यालयों और निजी वेंडरों के पास भी उपलब्‍ध हैं.

नई प्रणाली आम करदाता के लिए काफी फायदेमंद है. जटिल चार प्रतियों में चालान को प्रतिस्‍थापित करते हुए अब एकल सरलीकृत चालान भरा जाना है. इस चालान को अधिक तेजी से भरा जा सकता है. दूसरी बात, अपने बैंक की शाखा में अदा किए गए कर के लिए पावती तुरंत प्राप्‍त करना संभव हो सकेगा. इसके अलावा, जब आपके पास चालान पहचान संख्‍या (सीआईएन) से साथ रबड़ की मुहर लगा पावती काउंटरफाइल होगा और आपने अपना पैन सही ढंग से भरा है तो आप आश्‍वस्‍त हो जाते हैं कि आपके नाम के लिए भुगतान उचित रूप से हिसाब में लिया जाएगा. अंत में, आपको अपने रिटर्न के साथ चालान की प्रतियां / पावती संलग्‍न करने की जरूरत नहीं होगी. आयकर रिटर्न में सिर्फ सीआईएन के विवरण दें. इससे रिटर्न की ई-फाइलिंग में भी आपको मदद मिलेगी.

तथापि, यदि आप जहां आपका बैंक खाता है उससे भिन्‍न बैंक शाखा में चेक / ड्राफ्ट द्वारा कर का भुगतान कर रहे हैं तो संग्रहणकर्ता बैंक शाखा आपका चेक/ड्राफ्ट स्‍वीकार करेगी और आपको पावती स्‍वरूप कागजी टोकन जारी करेगी. जब चेक के नकदीकरण के बाद आप इस टोकन को प्रस्‍तुत करेंगे तब बैंक सीआईएन के साथ विधिवत मुहर लगा पावती काउंटरफाइल देगा.

चालान पहचान संख्‍या (सीआईएन) में तीन भाग होते हैं :

  • जहां कर जमा किया जाता है उस बैक शाखा का सात अंकीय बीएसआर कोड
  • कर जमा करने की तारीख (तारीख/माह/वर्ष)
  • चालान की क्रम संख्‍या

कर भुगतान की विशिष्‍ट रूप से पहचान करने के लिए पावती रसीद पर सीआईएन युक्‍त मुहर लगायी जाती है. आयकर रिटर्न में कर के भुगतान के प्रमाण के रूप में सीआईएन उद्धृत किया जाना चाहिए. किसी प्रकार के पूछताछ में भी सीआईएन उद्धृत किया जाना चाहिए. अतएव, आपको यह सुनिश्चित करना चाहिए कि बैंक द्वारा चालान पर सीआईएन (उपर्युक्‍त तीनों भागों से युक्‍त) की मुहर लगायी जाए. यदि नहीं तो बैंक प्रबंधक से तुरंत संपर्क करें और सीआईएन पर जोर दें.

भारतीय रिजर्व बैंक ने १ अप्रैल २००४ के अपने आदेश के जरिए बैंकों की सभी कर संग्रहणकर्ता शाखाओं के लिए यह अनिवार्य कर दिया है कि वे सीआईएन युक्‍त पावती रबड़ की मुहर का इस्‍तेमाल करें. जमा किए गए हरेक चालान के लिए अलग सीआईएन दिया जाता है. यदि बैंक शाखा प्रबंधक मुद्दे का समाधान करने में असमर्थ है तो आपको निवारण के लिए अपनी शिकायत बैंक के क्षेत्रीय कार्यालय और भारतीय रिजर्व बैंक के क्षेत्रीय कार्यालय के पास भेजनी चाहिए.

बैंक की पावती मुहर में निम्‍नलिखित जानकारी होगी :

  • बैक शाखा का नाम
  • बीएसआर (७ अंकीय)
  • जमा तारीख (ता/माह/वर्ष)
  • क्रम संख्‍या

जी, नहीं. यदि आप अपने रिटर्न में चालान पहचान संख्‍या (सीआईएन) (जैसाकि आपके काउंटरफाइल में उल्लिखित है) उद्धृत करते हैं तो इसे पर्याप्‍त प्रमाण माना जाएगा. आयकर रिटर्न फॉर्मों को उपयुक्‍त रूप से संशोधित किया गया है.

कृपया उस शाखा से संपर्क करें जहां आपने कर जमा किया है और उनसे ऐसा प्रमाणपत्र जारी करने के लिए अनुरोध करें कि जिसमें सीआईएन सहित आपके सभी भुगतान विवरण हों.

हरेक बैंक की अपनी स्‍वयं की प्रक्रिया होती है. अतएव आप बैंक के शाखा प्रबंधक से संपर्क करें.