TAN

TAN / General

TAN or Tax Deduction and Collection Account Number is a 10 digit alpha numeric number required to be obtained by all persons who are responsible for deducting or collecting tax. It is compulsory to quote TAN in all TDS/TCS returns (including e-TDS/TCS return), TDS/TCS payment challans and TDS/TCS certificates.

The provisions of Section 203A of the Income-tax Act, 1961 require all persons who deduct or collect tax at source to apply for the allotment of TAN. The section also makes it mandatory to quote TAN in all TDS/TCS/Annual Information Returns, payment challans and certificates to be issued. If TAN is not quoted, TDS/TCS returns will not be accepted by TIN-Faciliation Centres (TIN-FCs) and challans for TDS/TCS payments will not be accepted by banks. Failure to apply for TAN or not quoting the same in the specified documents attracts a penalty of Rs. 10,000.

All those persons who are required to deduct/collect tax at source on behalf of Income Tax Department are required to apply for and obtain TAN.

टैन या कर कटौती तथा संग्रहण खाता संख्या १० अंकों की एक अल्‍फा-न्‍यूमेरिक नंबर है जिसे ऐसे सभी व्यक्तियों को प्राप्त करना आवश्यक होता है जो कर काटने या संग्रहण करने के लिए जिम्मेदार हैं. सभी टीडीएस / टीसीएस विवरणियों (ई-टीडीएस / टीसीएस विवरणी सहित), टीडीएस / टीसीएस भुगतान चालानों तथा टीडीएस / टीसीएस प्रमाणपत्रों में टैन का उल्लेख करना अनिवार्य है.

आयकर अधिनियम, १९६१ की धारा २०३ए के प्रावधानों में यह अपेक्षित है कि स्रोत पर कर की कटौती या संग्रहण करने वाले सभी व्यक्ति टैन के आबंटन के लिए आवेदन करें. इस धारा के अनुसार, सभी टीडीएस / टीसीएस वार्षिक सूचना रिटर्नों, भुगतान चालानों तथा जारी किये जाने वाले प्रमाणपत्रों में टैन का उल्लेख करना अनिवार्य है. यदि टैन का उल्लेख नहीं किया गया है तो टीडीएस / टीसीएस विवरणियां टिन – सुविधा केन्द्रों (टिन -एफ़सी) द्वारा स्वीकार नहीं की जाएंगी और टीडीएस / टीसीएस भुगतानों के लिए चालान बैंक द्वारा स्वीकार नहीं किये जाएंगे. टैन के लिए आवेदन न करने या निर्दिष्ट दस्तावेजों में उसका उल्लेख न करने पर १०,००० रुपये जुर्माना लग सकता है.

ऐसे सभी व्यक्तियों को टैन के लिए आवेदन करना चाहिए तथा टैन प्राप्त करना चाहिए जिनसे आयकर विभाग की ओर से स्रोत पर कर काटने / संग्रहण करने की अपेक्षा की गयी है.